Wednesday, July 6, 2011

सुपर-30 के संस्थापक आनंद असाधारण हीरो की सूची में

समाज के गरीब तबके के बच्चों को आईआईटी जेईई की प्रवेश परीक्षा के लिए मुफ्त तैयारी कराने वाले गणितज्ञ आनंद कुमार को प्रसिद्ध यूरोपीय पत्रिका फोकस ने असाधारण लोगों की सूची में शुमार किया है। लोकप्रिय विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इतिहास, स्वास्थ्य और सामाजिक विषयों पर रोचक और ज्ञानवर्धक आलेख प्रकाशित करने वाली इतालवी पत्रिका ने अपने एक लेख में आनंद को असाधारण प्रतिभाओं में शुमार किया है।

Thursday, June 2, 2011

Massage

प्रिय दिनेश कुमार चौहान जी,
      यह जानकर प्रसन्नता हुई है कि आधुनिक इंडिया पाक्षिक हिंदी समाचार पत्र अपनी प्रथम वर्षगाठ मना रहा है, जो एक सराहनीय प्रयास है. 
       मै समाचार पत्र के सम्मेलन के आयोजन कि सफलता हेतु अपना सुभकामनाये प्रेषित करता हूँ.

                                                                                 हामिद अंसारी 
                                                  माननीय उपराष्ट्रपति , भारत सरकार






Dear D.K.Chauhan,
        I am extremely happy to know that the "AADHUNIK INDIA" a fortnightly newspaper is completing its one of its existence.
     I hopes that "AADHUNIK INDIA" will touch the lives of millions of people by its unbiased views on various current issues and will become the voice of the common man in coming years.
                   
              I wishes the publication all success.


                                                   Shri Ranjeet S. Mooshahary
                                                             Governor of Meghalaya








       मुझे यह जानकर ख़ुशी का आभास हो रहा है की, प्रिय दिनेश कुमार चौहान जो असम से सम्बन्ध रखता है, अपने अथक प्रयासों के द्वारा "आधुनिक इंडिया" हिंदी समाचार पत्र का सफलता पूर्वक प्रकाशन दिल्ली से पिछले एक वर्ष से कर रहा है. "आधुनिक इंडिया" हिंदी समाचार पत्र के प्रकाशन का एक वर्ष पूरा होने पर मैं प्रिय दिनेश कुमार चौहान को बधाई देता हूँ. 
      मैं आशा करता हूँ कि "आधुनिक इंडिया" समाचार पत्र पाठोको के मापदंडो पर भविष्य में खरा उतरते हुए इसी प्रकार जनसेवा में लगा रहेगा.

                                         शुभकामोनाओ सहित 

                                                                         डॉ. मुकुन्दकाम शर्मा
                                                           न्यायमूर्ती उच्चतम न्यायलय 
                                                                                         नई दिल्ली







My dear Shri D.K.Chauhan,
       I am extremely happy to know that "AADHUNIK INDIA" is celebrating its first anniversary on 15.02.2011. On this happy occasion, I wish to extend my best wishes and grand success for this Hindi Fortnightly National Newspaper.
                                                                                  
         
H.S.BRAHMA
ELECTION COMMISSION OF INDIA                      
                                       




Dear D.K.Chauhan,
    I am happy to learn that "AADHUNIK INDIA" a Fortnightly Hindi Newspaper is going to complete one year of its useful existence and to mark the occasion, the Fortnightly will be bringing out a special publication.
                      
                           I wish the venture all success.

                                                                        
                                                                   AGATHA  SANGMA
                                          Minister of state for Rural Development 
                                                                       Government of India




      I am happy to know that "AADHUNIK INDIA" fortnightly Hindi National Newspaper, is completing its one years of successful publication, on 15th February 2011.
       I extend my good wishes to all the employee of "AADHUNIK INDIA", on this occasion.
 
SUSHMA SWARAJ
LEADER OF OPPOSITION 
(LOK SABHA)




       मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई कि "आधुनिक इंडिया " राष्ट्रीया हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र का प्रकाशन का एक वर्ष पूर्ण हो रहा है. मुझे पूर्ण आशा है कि आधुनिक इंडिया समाचार पत्र पत्रकारिता के उच्च आदर्शो का निर्वहन करते हुए भाईचारे व सदभावना की भावना विकसित करने के साथ साथ पाठकों को उपयोगी जानकारी उपलब्ध करने में मददगार होगा.
       मैं आधुनिक इंडिया समाचार पत्र के सफल प्रकाशन के लिए अपनी शुभकामनाए प्रेषित करती हूँ. 

शीला दीक्षित 
माननीया मुख्यमंत्री 
दिल्ली सरकार 



प्रिय दिनेश कुमार चौहान जी,
       मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई कि राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र "आधुनिक इंडिया" नई दिल्ली द्वारा अपने प्रकाशन का एक वर्ष पूर्ण कर रहा है. लोकत्रांतिक प्रणाली मई पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ और पत्रकारों को समाज का सजग प्रहरी माना  जाता है. वैश्वीकरण के इस युग में पत्रकारिता में विविधता एवं बहुरूपता आई है, जिशसे पत्रकारों की जिम्मेवारी भी बढ़ गई है. समाचार पत्र सरकार एवं जनता के बीच एक मजबूत कड़ी का कार्य करते है.
       मुझे आशा है कि "आधुनिक इंडिया" पत्रकारिता के छेत्र में उच्च मानदंडो स्थापित करते हुए सरकार की प्रगतिशील एवं कल्याणकारी नीतियों को जनता तक पहुचाने तथा जनता के विचारों से सरकार को अवगत करवाने में महतापूर्ण भुय्मिका निभाता रहेगा.
       मैं "आधुनिक इंडिया" समाचार पत्र के सफलता पूर्वक एक वर्ष पूर्ण होने पर अपनी शुभकामनाए देता हूँ.

भूपेंद्र सिंह हूड्डा 
माननीया मुख्यमंत्री 
हरियाणा सरकार 


  


प्रिय दिनेश कुमार चौहान जी,
       यह प्रसन्नता का विषय है कि राष्ट्रीय समाचार पत्र "आधुनिक इंडिया" के प्रकाशन के एक वर्ष पुरे होने जा रहे है. समाचार पत्र समाज के समग्र विकास की दिशा निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है.नीति निर्माताओं से लेकर एक आम व्यक्ति तक आपसी संवाद के एक सशक्त माध्यम के रूप में समाचार पत्रों ने अपनी अहम् भूमिका का निर्वहन बखूबी किया हैं. "आधुनिक इंडिया" समाचार पत्र पत्रकारिता के नवीन सौपानों को प्राप्त करते हुए एक विशिष्ट पहचान के रूप में लोकप्रिय होगा, ऐसा मेरा विस्वास है.
       राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र "आधुनिक इंडिया" समाचार पत्र के प्रकाशन के एक वर्ष पूर्ण होने पर मेरी और से हार्दिक बधाई एवं आत्मीय शुभकामनाएं. 

डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक'
माननीय मुख्मंत्री
उतराखंड सरकार  















 




Wednesday, April 27, 2011

ये हैं भारतीय बिल गेट्स


सुहास गोपीनाथ ने 14 साल की उम्र में वेबसाइट बना कर अपना और अपने देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन कर दिया। एक बार कामयाबी का स्वाद चखने के बाद इन्होंने कभी मुड़ कर नहीं देखा। 2007 में यूरोपीय संसद ने इन्हें यंग अचीवरअवॉर्ड से और 2008 में विश्व आर्थिक मंच ने इन्हें यंग ग्लोबल लीडर का सम्मान दिया। सुहास की कामयाबी पर रुचि की रिपोर्ट
बेंग्लुरू में रहने वाले सुहास गोपीनाथ की सफलता और उम्र का कोई ताल-मेल नहीं है। जिस उम्र में बच्चे गलियों में खेलते हैं और स्कूल में दोस्तों के साथ झगड़ा करते हैं, उस वक्त सुहास ने बतौर प्रोफेशनल डेवलपर अपनी पहली वेबसाइट coolhindustan.com बना कर सभी का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित कर लिया। किसी वेबसाइट के संस्थापक बनने वालों में वे सबसे कम उम्र के थे।
ऐसा नहीं है कि उन्हें सभी चीजें चांदी की थाली में परोसी हुई मिलीं। कंपनी शुरू करने से पहले उन्होंने अपने माता-पिता को बताया कि वे एक हॉबी क्लब से जुड़े हुए हैं, जिसे वे अपना खाली वक्त देते हैं। लेकिन बाद में जब उन्हें सुहास की कंपनी के बारे में पता चला तो वे सुहास की पढ़ाई और उनके भविष्य को लेकर काफी सोच-विचार करने लगे। एक वेबसाइट को दिए अपने इंटरव्यू में उन्होंने बताया, ‘भारत में किसी की कामयाबी का मुख्य पैमाना उसकी अच्छी पढ़ाई को माना जाता है और कई मामलों में यहां तक कि शादी के लिए एक अच्छे पार्टनर का मिलना भी इसी बात पर निर्भर होता है। लेकिन मेरे माता-पिता ने मुझे मेरे सपनों को पूरा करने में हमेशा साथ दिया।’
जहां एक तरफ सुहास के माता-पिता उनके साथ थे, वहीं दूसरी तरफ बजाए इसके कि सरकार ऐसे प्रतिभाशाली छात्र की मदद करे, उसे प्रोत्साहित करे, उन्होंने सुहास की कंपनी को यहां रजिस्टर करने से ही मना कर दिया। उनके मुताबिक उस समय सुहास की आयु भारतीय कानूनों के मानकों के हिसाब से कम थी। ऐसे में सुहास ने वर्ष 2000 में अमेरिका के केलिफोर्निया से अपनी कंपनी ‘ग्लोबल्स इंक’ का काम शुरू किया। आज ग्लोबल्स इंक देखते ही देखते एक मल्टीनेशनल इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी से जुड़ी सेवाएं मुहैया कराने वाली कंपनी बन गई है और दुनिया के 11 से भी अधिक देशों में अपना कारोबार कर रही है।
16 साल की उम्र में एक कंपनी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) और अध्यक्ष बनने की वजह क्या रही, इस बारे में अपने उन्होंने इंटरव्यू में कहा, ‘मैं हमेशा से अपना बॉस खुद बनना चाहता था। मेरा मानना है कि अगर आपका काम किसी कंपनी या संस्था के लिए फायदेमंद हो सकता है तो फिर क्यों न खुद की संस्था या कंपनी के लिए काम किया जाए? इस कंपनी को शुरू करने के लिए एक और चीज जिसने मुझे प्रेरित किया, वह थी कि मैं बेरोजगार और पढ़ाई छोड़ चुके लोगों के टेलेंट को बढ़ाने में मदद करना चाहता था, जिससे उन्हें तकनीकी क्षेत्र में रोजगार मिले।’
17 वर्ष की आयु में प्रमुख मीडिया हाउसेज जैसे बीबीसी, वॉशिंगटन टाइम्स, दि एज आदि ने उन्हें वर्ल्डस यंगेस्ट सीईओ का खिताब दे डाला। सिर्फ इतना ही नहीं, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्डस में भी उनका नाम दुनिया के सबसे कम उम्र वाले सीईओ के रूप में दर्ज है। यहां तक कि भारतीय मीडिया में उन्हें भारतीय बिल गेट्स के नाम से भी जाना जाने लगा। दरअसल सुहास की प्रेरणा के सबसे बड़े स्रोत बिल गेट्स ही हैं।
उनका कहना है, ‘ग्लोबल्स इंक के पीछे माइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेशन के संस्थापक बिल गेट्स मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। एक बार जब वे बेंग्लुरू आए थे तो मेरी मुलाकात उनसे हुई थी। उस वक्त उन्होंने कहा था कि मुझे तुमसे डरना चाहिए, क्योंकि तुम्हारी महत्त्वाकांक्षाएं भी मेरी तरह हैं। मैं यह सुन कर काफी हैरान हुआ था कि वे दूसरों से कितने प्यार से बात करते हैं। मैं चाहता हूं कि मेरी कंपनी की कामयाबी की कहानी भी माइक्रोसॉफ्ट की ही तरह हो।’ इतनी छोटी उम्र में इतनी कामयाबी के बावजूद सुहास ने अपने पैरों तले की जमीन को हिलने नहीं दिया। यहां तक कि जिस वक्त उनकी कंपनी ग्लोबल्स इंक ने 5 लाख अमेरिकी डॉलर का कारोबार किया, उस वक्त भी उन्होंने अपने पापा से अपनी पॉकेट मनी लेना बंद नहीं किया।
फैक्ट फाइल
जन्म तिथि: 4 नवंबर 1986
पद: ग्लोबल्स इंक के मुख्य कार्याधिकारी और अध्यक्ष
पहली सफलता: 14 वर्ष की आयु में प्रोफेशनल वेब डेवलपर के रूप में coolhindustan.com का निर्माण
सम्मान: सीएनबीसी और ई-बिजनेस की ओर से 16 वर्ष में वर्ल्डस यंगेस्ट इंटरप्रेन्योर का सम्मान।
कर्नाटक सरकार की ओर से राज्योत्सव सम्मान।
2007 में यूरोपीय संसद की ओर से यंग अचीवर अवॉर्ड
2008 में विश्व आर्थिक मंच की ओर से यंग ग्लोबल लीडर का सम्मान
सामाजिक उत्तरदायित्व: पेटा के ब्रान्ड अंबेसेडर

साभार हिन्दुस्तान